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Monday, October 23, 2023
बुराई पर अच्छाई की जीत और असत्य पर सत्य की जीत का उत्सव विजय दशमी: दशहरा
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाने वाला विजयदशमी का त्योहार हर साल बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाता है। वहीं इसके अलावा यह भी माना जाता है कि विजयादशमी के दिन मां दुर्गा ने 9 दिनों के युद्ध के बाद महिषासुर का वध किया और इस तरह अच्छाई की जीत हुई।
विजयादशमी कृतज्ञता का दिन है। इस दिन हमने जीवन में जो भी कुछ प्राप्त किया है, उसके लिए हम कृतज्ञ होते हैं।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि दशहरा के दिन शस्त्र पूजन करने की परंपरा सदियों पुरानी है। आश्विन शुक्ल पक्ष दशमी को शस्त्र का पूजन किया जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के पूजन के बाद दशहरे का त्योहार मनाया जाता है। विजयदशमी पर मां दुर्गा का पूजन किया जाता है। मां दुर्गा शक्ति का प्रतीक हैं। भारत की रियासतों में शस्त्र पूजन धूम-धाम से मनाया जाता था। अब रियासतें तो नही रहीं लेकिन परंपराएं शाश्वत हैं, यही कारण है कि इस दिन आत्मरक्षार्थ रखे जाने वाले शस्त्रों की भी पूजा की जाती है। हथियारों की साफ-सफाई की जाती है और उनका पूजन होता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन किए जाने वाले कामों का शुभ फल अवश्य प्राप्त होता है। यह भी कहा जाता है कि शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए इस दिन शस्त्र पूजा करनी चाहिए।
शस्त्र पूजा क्या है ?
शस्त्र पूजा का महत्व:
आयुध पूजा का पर्व कैसे मनाते हैं
शस्त्र पूजा का इतिहास:
Saturday, October 14, 2023
टीम इंडिया की 7 विकेट से शानदार जीत, विश्व कप में आठवीं बार पाकिस्तान को चटाई धूल
संवाददाता - रोहिणी राजपूत
नीले समंदर में डूबे नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रोहित शर्मा का बल्ला कुछ ऐसा चला कि पाकिस्तानी आक्रमण की धार कुंद हो गई और इस चर्चित मुकाबले में भारत ने शनिवार को सात विकेट से एकतरफा जीत दर्ज करके चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ विश्व कप में जीत का रिकॉर्ड 8.0 कर लिया ।
इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला लिया। पाकिस्तान की टीम ने 42.5 ओवर में 191 रन बनाकर खेल समाप्त किया। जवाब में, भारत ने 30.3 ओवर में तीन विकेट गवाकर 192 रन बनाए और मैच अपने नाम किया। यह भारत की आठवीं जीत है जो विश्व कप इतिहास में पाकिस्तान के खिलाफ हुई है। इस टूर्नामेंट में अब तक भारत ने उनके खिलाफ नहीं हारा है।
डेंगू से उभरकर लौटे शुभमन गिल (16) और विराट कोहली (16) शुरुवाती दौर मे आउट हो गए थे । इससे पहले भारत के लिये नयी गेंद संभालने वाले सिराज और बुमराह ने अपनी लैंग्थ में बदलाव करके सीम का पूरा फायदा उठाते हुए पाकिस्तान को बीच में ही पछाड़ दिया । कुलदीप यादव ने सऊद शकील (छह) और इफ्तिखार अहमद (चार) को लगातार आउट करके पाकिस्तान की परेशानियां और बढा दी।
*रोहित शर्मा ने की छक्कों की बारिश*
रोहित ने लगातार दूसरे मैच में शतक नहीं लगाया, जब वे अफगानिस्तान के खिलाफ 131 रनों की पारी खेले। मैच में उन्हे शतक लगाने का मौका था, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके। रोहित ने 63 गेंदों पर 86 रन बनाए और पवेलियन लौटे। रोहित के बल्ले से छह चौके और छह छक्के भी लगे। इसी दौरान, उनकी स्ट्राइक रेट 136.51 रही। रोहित ने अपनी पारी के दौरान वनडे में 300 छक्के भी पूरे किए। उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी और वेस्टइंडीज के पूर्व ओपनर क्रिस गेल के बाद ऐसा करने वाले तीसरे बल्लेबाज बने।
*श्रेयस ने लगाया विजयी चौका*
रोहित शर्मा के आउट होने के बाद श्रेयस अय्यर ने केएल राहुल के साथ मिलकर मैच को समाप्त किया। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए नाबाद 36 रन की साझेदारी की। अय्यर ने चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया और मैच को समाप्त किया। वह 62 गेंद पर 53 रन बनाकर नाबाद रहे। अय्यर ने तीन चौके और दो छक्के लगाए। केएल राहुल 29 गेंद पर 19 रन बनाकर नाबाद रहे। उनके बल्ले से दो चौके निकले।
टीम इंडिया के लिए पांच गेंदबाजों ने दो-दो विकेट लिए। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा ने दो-दो विकेट लिए। गेंदबाजी करने वालों में सिर्फ शार्दुल ठाकुर ही ऐसे रहे जिन्हें एक भी सफलता नहीं मिली। बुमराह को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
नवरात्रि की तैयारी में जुटे शहर को भारत की जीत ने एक दिन पहले ही उत्सवमय कर दिया और मैदान पर भारी तादाद में जुटे दर्शकों के उल्लास ने इसकी बानगी दी कि जीत का जश्न स्टेडियम में थमने वाला नहीं है । वहीं टीवी के आगे नजरें गड़ाये बैठे देश के कोने कोने में क्रिकेटप्रेमियों के लिये त्योहार की शुरूआत आज ही से हो गई ।
Wednesday, October 11, 2023
नालंदा विश्वविद्यालय: एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर
संवाददाता - रोहिणी राजपूत
प्राचीन काल में भारतवर्ष शिक्षा के क्षेत्र में सबसे आगे हुआ करता था। नालंदा विश्वविद्यालय भारतीय संस्कृति और शिक्षा के महासागर में एक महत्वपूर्ण द्वीप है। यह विश्वविद्यालय भारतीय सांस्कृतिक और शैक्षणिक इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र था और अपनी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध था। यहाँ की शिक्षा-पद्धति पूरे विश्व में आश्चर्य का विषय थी। इसी वजह से नालंदा विश्वविद्यालय मे शिक्षा प्राप्त करने के लिए लोग तिब्बत, तुर्की, जापान, चीन, इंडोनेशिया, तिब्बत, फारस तथा कोरिया जैसे देशों से भारत आते थे।
यहाँ प्रवेश लेने के लिए तीन स्तरों वाली बहुत ही कठिन प्रवेश परीक्षा हुआ करती थी। अत्यंत प्रतिभाशाली छात्र ही इन परीक्षाओं में सफल होकर यहाँ प्रवेश पाते थे। प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग ने यहाँ आकर शिक्षा प्राप्त की और यहाँ के जीवन के बारे में अपनी किताब में लिखा।
प्राचीन भारत में बहुत से विश्वविद्यालय हुआ करते थे जिनमे से एक महान विश्वविद्यालय नालन्दा भी था जो कि अपनी समृद्ध विरासत और ऐतिहासिक महत्व के लिए पूरे विश्व में जाना जाता था। नालन्दा विश्वविद्यालय बिहार राज्य जिसे पहले मगध के नाम से जाना जाता था की राजधानी पटना के 95 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व बिहार शरीफ के पास स्थित हैं। 1193 में आक्रमणकारियों द्वारा नष्ट कर दिए जाने के बाद आज बस यहाँ पर इसके खंडहर बचे है जिसे यूनेस्को के द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित कर दिया गया है।
नालन्दा विश्वविद्यालय दुनिया के सबसे पुराने और बेहतरीन आवासीय विश्वविद्यालयों में से एक था। उस समय यहाँ पर करीब 10,000 छात्र और 2000 शिक्षक रहते थे। नालंदा विश्वविद्यालय में तीन लाख किताबों से भरा एक विशाल पुस्तकालय, तीन सौ से भी ज्यादा कमरें और सात विशाल कक्ष थे। इसका भवन बहुत ही सुंदर और विशाल था जिसकी वास्तुकला भी अत्याधिक सुंदर थी।
प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय में एक मुख्य प्रवेश द्वार था बाकी का सारा परिसर चारदीवारी से घिरा हुआ था। परिसर में अनेक स्तूप, मठ और मंदिर थे इन मंदिर में भगवान बुद्ध की मूर्तियाँ विराजमान थीं। आज इस सुंदर भवन का बस खंडहर ही बाकी है पर इससे भी इस भवन की सुंदरता का अंदाज लग जाता है।
यहाँ के विशाल पुस्तकालय में विदेशी आक्रान्ताओं के द्वारा आग लगा दी गई थी तो यह किताबें 6 महीने तक जलती रही थीं।
जो नालंदा विश्वविद्यालय कभी बहुत ही विशाल क्षेत्र में फैला था, वह अब सिमट कर केवल लगभग 12 हेक्टेयर का खंडहर रह गया है। नालंदा में सभी तरह के विषय पढ़ाए जाते थे जिन्हे पढ़ने के लिए कोरिया, जापान, चीन, तिब्बत, इंडोनेशिया, फारस और तुर्की के विद्यार्थीऔर विद्वान दोनों ही आते थे।
भारतीय गणित के जनक माने जाने वाले आर्यभट्ट के बारे में अनुमान लगाया जाता है कि वे छठी शताब्दी की शुरुआत में नालंदा विश्वविद्यालय के प्रमुख थे। कोलकाता स्थित गणित की प्रोफेसर अनुराधा मित्रा ने बताया, "आर्यभट्ट पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने शून्य को एक अंक के रूप में मान्यता दी। उनकी आवधारणा से बहुत बड़े बदलाव देखने को मिले। चाणक्य ने गणितीय गणनाओं को सरल बनाया और बीजगणित एवं कैलकुलस जैसे अधिक जटिल गणित को विकसित करने में मदद की, शून्य के बिना तो हमारे पास कंप्यूटर भी नहीं होते।"
प्रोफेसर मित्रा आर्यभट्ट के योगदान को रेखांकित करते हुए कहती हैं, "उन्होंने वर्गों और घनों की श्रेणी संबंधित अहम सिद्धांत दिए। ज्यामिति और त्रिकोणमिती का बखूबी इस्तेमाल किया। खगोल विज्ञान में भी उनका योगदान अहम था, वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने कहा था कि चंद्रमा की अपनी रोशनी नहीं है।
नालन्दा पुस्तकालय के अवशेष
रत्नोदधि नौ मंजिला ऊंची थी और इसमे प्रज्ञापारमिता सूत्र और गुह्यसमाज सहित सबसे पवित्र पांडुलिपियों को रखा गया था। नालंदा में मौजूद किताबों की संख्या सटीक रूप से तो नहीं पता है फिर भी अनुमान के हिसाब से इनकी संख्या लाखों में मानी जाती है। इस पुस्तकालय ने न केवल धार्मिक पांडुलिपियां बल्कि व्याकरण, तर्क, साहित्य, ज्योतिष, खगोल विज्ञान और चिकित्सा जैसे विषयों पर अनेकों ग्रंथ भी मौजूद थे। नालंदा पुस्तकालय किताबों को सही तरीके से रखने के लिए अवश्य ही संस्कृत भाषाविद्, पाणिनि द्वारा बनाई गई वर्गीकरण योजना का प्रयोग करता था।
*आक्रमणकारियों द्वारा विध्वंश:*
इस विश्वविद्यालय पर तीन-तीन बार आक्रमण किए गए जिसके बाद दो बार इसे उस समय राज्य करने वाले राजाओं ने फिर से बनवा दिया पर जब तीसरी बार हमला हुआ जो कि अब तक का सबसे बड़ा और विनाशकारी हमला था।
*नालंदा विश्वविद्यालय का महाविनाश*
इस हमले में यहाँ के पुस्तकालय की काफी सारी किताबें और दुर्लभ ग्रंथ जल गए थे। माना जाता है की इस विश्वविद्यालय के विनाश से ही भारत में बौद्ध धर्म का भी पतन होना शुरू हो गया।
पहला हमला:
इस विश्वविद्यालय पर पहला हमला सम्राट स्कंदगुप्त के समय में 455-467 ईस्वी में हुआ था। यह हमला मिहिरकुल के तहत ह्यून की वजह से हुआ था। इस हमले में विश्वविद्यालय की इमारत के सात-साथ पुस्तकालय को भी काफी नुकसान पहुँचा था। बाद में स्कंदगुप्त के उत्तराधिकारीयों के द्वारा पुस्तकालय की मरम्मत करवा दी गई और एक नई बड़ी इमारत बनवा दी गई।
दूसरा हमला:
इस विश्वविद्यालय पर दूसरा हमला 7वीं शताब्दी की शुरुआत में गौदास ने किया था। उस समय बौद्ध राजा हर्षवर्धन का शासन हुआ करता था। 606-648 ईस्वी में उन्होंने इस विश्वविद्यालय की मरम्मत करवाई थी।
तीसरा और सबसे विनाशकारी हमला:
इस विनाशकारी हमले के समय यहाँ पल राजवंश का राज्य हुआ करता था। मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी, जो की एक तुर्क सेनापति था, उस समय अवध में तैनात था। इख्तियारुद्दीन मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी और उसकी सेना ने लगभग 1193 सी ई में, प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय को नष्ट कर दिया था।
उसने पुस्तकालय की किताबों को आग लगा दी। जो कुछ भी वहाँ था उसे लूट लिया विश्वविद्यालय में रह रहे हजारों भिक्षुओं और विद्वानों को इसलिए जला कर मार दिया क्योंकि वह इस्लाम धर्म का प्रचार प्रसार करना चाहता था और उसे बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार से चिढ़ थी। इन बातों का जिक्र फारसी इतिहासकार ‘मिनहाजुद्दीन सिराज’ द्वारा लिखी गई किताब ‘तबाकत-ए-नासिरी’ में मिलता है ।
*#खिलजी ने नष्ट की नालंदा विश्वविद्यालय*
खिलजी के द्वारा नालंदा के पुस्तकालय को जलाने के पीछे एक कहानी प्रसिद्ध है। कहा जाता है की खिलजी एक बार बुरी तरह से बीमार पड़ गया। सबने उसे नालंदा विश्वविद्यालय के वैद्य आचार्य राहुल श्रीभद्र से इलाज करवाने के लिए कहा पर खिलजी को ना तो आयुर्वेद पर ना वैद्यों पर जरा भी भरोसा था। उसने वैद्य जी के सामने कोई भी दवा ना खाने की शर्त रख दी।
वैद्य जी तैयार हो गए उन्होंने कहा कि आप कुरान के इतने पन्ने पढ़ लीजिएगा आप ठीक हो जाएंगे और ऐसा ही हुआ।ठीक होने के बाद उसने सोचा की इस तरह से तो भारतीय विद्वान और शिक्षक पूरी दुनिया में मशहूर हो जाएंगे। भारत से बौद्ध धर्म और आयुर्वेद के ज्ञान को मिटाने के लिए उसने नालंदा विश्वविद्यालय और इसके पुस्तकालय में आग लगा दी और हजारों धार्मिक विद्वानों और बौद्ध भिक्षुओं को भी मार डाला।
Disclamer : यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यता, सूचनाओं और हमारे व्यक्तिगत स्तर जाच पर आधारित है।
Wednesday, October 4, 2023
क्या रोहिणी आयोग की जातिवाद जनगणना रिपोर्ट,भाजपा के लिए एक चुनौती बनेगी?
संवाददाता - रोहिणी राजपूत
"बिहार जातिवादी जनगणना सर्वे की रिपोर्ट के साथ-साथ रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की संभावना भी बढ़ गई है। कुछ पार्टी समर्थकों का मानना है कि भाजपा इसे विपक्ष के 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिसदारी' के नैरेटिव का मुकाबला करने के लिए उपयोग कर सकती है।"
*क्या हैं रोहिणी आयोग?*
"रोहिणी आयोग" का गठन अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए बनाया गया था जिसमें चार सदस्य थे। यह आयोग उनकी जांच करता था कि कैसे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को विभिन्न उप-वर्गों में वर्गीकृत किया जा सकता है। इसका अध्यक्ष जी. रोहिणी थे, जो दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश थे। इस आयोग की स्थापना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 340 के अनुसार की गई थी।"
*आयोग का उद्देश्य क्या था?*
यह आयोग जांचता था कि ओबीसी जातियों के बीच आरक्षण के लाभों का न्यायिक वितरण कैसे किया जा सकता है। इसके साथ ही, इस आयोग को ओबीसी के उप-वर्गों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से काम करने की भी जिम्मेदारी दी गई थी, जो मानदंडों और मापदंडों पर आधारित था। इसके अलावा, यह आयोग ओबीसी की केंद्रीय सूची में कई प्रविष्टियों का अध्ययन करता था और उनमें दिख रही गलतियों के सुधार की सिफारिश करता था।"
*इसकी रिपोर्ट का क्या हुआ?*
आयोग की शुरुआत 11 अक्टूबर 2017 को हुई थी, जिसे न्यायाधीश (सेवानिवृत) जी. रोहिणी ने अध्यक्षता की। उसने सभी राज्यों, संघ शासित क्षेत्रों और पिछड़ा वर्ग आयोगों के साथ ओबीसी की उप-श्रेणीकरण पर चर्चा की। आयोग ने कार्यकाल की मांग की थी कि यह 31 जुलाई 2020 तक बढ़ा दिया जाए, लेकिन कोविड-19 के कारण लॉकडाउन और यात्रा पर रोक लगने के बाद, आयोग ने अपने काम को पूरा करने में समस्याएं आईं। इसलिए, आयोग के कार्यकाल को 14 बार बढ़ा दिया गया। आखिरकार, रोहिणी आयोग ने 31 जुलाई 2023 को अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी। लेकिन अभी तक रिपोर्ट की सुधारों और सिफारिशों को सार्वजनिक नहीं किया गया है।"
*रिपोर्ट लागू होने से किसे लाभ होगा?*
रोहिणी आयोग की रिपोर्ट से उन लोगों को फायदा होगा जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) में आते हैं, क्योंकि यह रिपोर्ट उनकी समृद्धि में मदद करेगी। अभी तक, केंद्र सरकार की ओबीसी आरक्षण योजना से केंद्र सरकारी पदों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए उन्हें सही लाभ नहीं मिला था। अब आसमान पर उठे ऐसे समुदायों को भी इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है।जब रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंप दी गई है, तो अगला कदम क्या होगा?
आयोग की रिपोर्ट आने के बाद, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय देखेगा कि कैसे सभी ओबीसी वर्गों के लोगों के बीच केंद्र सरकार की नौकरियों और संस्थानों में प्रवेश में आरक्षण का योगिक वितरण किया जा सकता है।"
*रिपोर्ट कब लागू होगी और इसका 2024 के लोकसभा चुनावों पर क्या असर हो सकता है?*
बिहार में जाति जनगणना सर्वे की रिपोर्ट सोमवार को जारी की गई। साथ ही, रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू करने की संभावना बढ़ गई है। बातचीत है कि सरकार रोहिणी आयोग की सिफारिशों को लागू कर सकती है। कुछ लोगों का मानना है कि यह 2024 के लोकसभा चुनावों में बड़ा बदलाव ला सकता है। भाजपा इसे विपक्ष के 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिसदारी' के नारेटिव का मुकाबला करने के लिए उपयोग कर सकती है और ओबीसी वर्ग की अति पिछड़ी जातियों के बीच अपने समर्थन को और मजबूत कर सकती है।
कुछ रणनीतिकारों का विचार है कि जाति जनगणना से ऐसी जानकारी मिल सकती है जिससे भाजपा को कई मुश्किलें आ सकती हैं। यह न केवल जातिगत जनगणना की मांग को बढ़ावा देगा बल्कि विपक्ष के नरेटिव को भी कमजोर करेगा।"
जाति जनगणना से विपक्षी गठबंधन को मिली आसान राह, कांग्रेस का नया प्लान
संवाददाता - रोहिणी राजपूत
बिहार में जाति आधारित जनगणना ने राजनीतिक दायरे में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन लाया है। सोमवार को, नीतीश सरकार ने इस जनगणना की रिपोर्ट जारी की, जिसमें उन्होंने जिस जाति की जनगणना कराई थी, उसकी विवरण प्रस्तुत की गई है। यह जानकारी देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है। इस जनगणना के परिणामों का विशेष महत्व है, क्योंकि ये जानकारी राजनीतिक दलों के लिए आमजन की पसंदीदा जातियों और उनकी मांगों का आकलन करने में मदद करेगी। यह भी देखा जाएगा कि इसके क्या प्रासंगिकता और प्रभाव होंगे देश की राष्ट्रीय राजनीति पर।
राज्य की 14.26 फीसदी आबादी सिर्फ यादव जाति की
प्रदेश में सिर्फ तीन जातियां ऐसी जिनकी आबादी पांच फीसदी से ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में सबसे ज्यादा आबादी वाली जाति यादव समुदाय की है। इस समाज की कुल आबादी 1,86,50,119 है। कुल जनसंख्या में इनकी हिस्सेदारी 14.26% है। रिपोर्ट में यादव जाति में ग्वाला, अहीर, गोरा, घासी, मेहर, सदगोप, लक्ष्मी नारायण गोला को रखा गया है।
इसके बाद दूसरी सबसे ज्यादा संख्या वाली जाति है जो दलित पासवान समुदाय से जुड़ी है। इनकी कुल आबादी 69,43,000 है। कुल जनसंख्या में इनकी हिस्सेदारी करीब 5.31% है। सरकार ने दुधास जाति में दुसाध, धारी, धरही का जिक्र किया है।
पांच फीसदी से ज्यादा आबादी वाली जातियों में तीसरी जाति चर्मरकार जाति की है। राज्य में इस समुदाय के कुल 68,69,664 लोग रहते हैं। जो राज्य की कुल जनसंख्या का करीब 5.25 फीसदी है। सर्वे में इस समुदाया में चमार, मोची, चमार - रबिदास, चमार - रविदास, चमार - रोहिदास, चर्मरकार का जिक्र किया गया है।
*जाति जनगणना इंडिया गठबंधन का अहम चुनावी मुद्दा*
वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में ओबीसी मतदाताओं के बड़े तबके ने भाजपा का समर्थन किया था । सीएसडीएस रिपोर्ट के मुताबिक बस 2019 में रसूख वाली ओबीसी जातियों के 40 फ़ीसदी वोटरों ने भाजपा को वोट किया था। ऐसे में जाति जनगणना के मुद्दे पर I.N.D.I.A ओबीसी में सेंध लगा सकते हैं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि बिहार सरकार के जाति जनगणना की रिपोर्ट का स्वागत और कांग्रेस शासित कर्नाटक जैसे अन्य राज्यों में इस तरह की पहले के सर्वेक्षणों को याद करते हुए कांग्रेस जाति जनगणना की मांग करती है। यूपीए–2 सरकार ने जनगणना को पूरा कर लिया था पर मोदी सरकार ने आंकड़े जारी नहीं किए। सामाजिक न्याय के लिए जाति जनगणना बेहद जरूरी है।
इसी बीच पक्ष और विपक्ष पार्टियों में सियासत शुरू हो गई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जगदलपुर में विशाल रैली को संबोधित करने के दौरान उन्होंने जमकर कांग्रेस पर निशाना साधा और जातिगत जनगणना को लेकर विरोधी पार्टियों को घेरा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कल से कांग्रेस ने एक नया राग गाना शुरू कर दिया हैं। जब कांग्रेस कह रही है कि जितनी आबादी, उसका उतना हक। पीएम ने कहा मैं कहता हूं इस देश में अगर सबसे बड़ी कोई आबादी है, तो गरीब की है इसलिए गरीब कल्याण ही हमारा मकसद है।
Monday, October 2, 2023
राष्ट्रपिता की जयंती पर पीएम मोदी ने राजघाट पहुंचकर दी, बापू को श्रद्धांजलि
संवाददाता - रोहिणी राजपूत
आज भारत को आजादी दिलाने वाले सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती है। प्यार और स्नेह से पूरा देश उन्हें बापू के नाम से पुकारता है। वहीं दूसरी और आज भारत, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनके जन्मतिथि पर याद कर रहा है।
राजघाट जाने से पहले पीएम मोदी ने X पर ट्वीट करते हुए कहा– ‘गांधी जयंती के विशेष अवसर पर मैं महात्मा गांधी को नमन करता हूं। उनकी कालजयी शिक्षाएं हमारा पथ आलौकित करती रहती हैं। महात्मा गांधी का प्रभाव वैश्विक है जो संपूर्ण मानव जाति को एकता और करुणा की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करी। कई हस्तियों जैसे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी 154वी जयंती पर राजघाट में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयघाट पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी पुष्पांजलि अर्पित की।
*‘जय जवान, जय किसान’*
पीएम ने X पर ट्वीट करते हुए लिखा– ‘लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी जयंती पर स्मरण। उनकी सादगी, राष्ट्र के प्रति समर्पण और जय जवान जय किसान का प्रतिष्ठित आह्वान आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।’
इस मौके पर राजधानी दिल्ली स्थित राजघाट पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जबकि दूसरी ओर दिल्ली में पश्चिम बंगाल के मनरेगा फंड की मांग को लेकर टीएमसी आज शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है।
Thursday, September 28, 2023
"भगत सिंह की जयंती: युवा आजादी संग्रामक का आदान-प्रदान
संवाददाता- रोहिणी राजपूत
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है ज़ोर कितना, बाज़ु-ए-क़ातिल मे है।
आज भारतीय राष्ट्र के वीर स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की जयंती है, जिसे लोग उनके योगदान और उनके देशभक्ति के आदान-प्रदान का सम्मान देने के लिए मनाते हैं। भगत सिंह, जो अपनी निर्भीक और आदर्शपूर्ण व्यक्तित्व से अभिव्यक्ति प्राप्त करने वाले थे, ने ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ लड़ाई लड़ी और जालियांवाला बाग मास्साकर जैसे घटनाक्रमों में उन्होंने योगदान दिया। उनका उद्देश्य था भारतीय जनता को जागरूक करना और उन्हें स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित करना। उनकी आत्मगाथा ने भारतीयों में स्वतंत्रता के लिए उनके जीवन का अर्थ बताया।
यह एक मौका है जब हम स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने के आदान-प्रदान को सम्मानित करते हैं और एक विकसित और सामृद्धिक भारत की दिशा में कदम बढ़ाते हैं।
भगत सिंह का योगदान हमें याद दिलाता है कि युवा शक्ति से ही देश को स्वतंत्रता और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ावा मिल सकता है। इस जयंती पर, हमें उनके जीवन और संघर्षों से प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए, ताकि हम भारतीय समाज को एक और उच्चाईयों तक ले जा सकें।
भगत सिंह ने अपने जीवन में स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए संघर्ष किया और हमें एक नया दृष्टिकोण दिया। उनकी जयंती पर हमें उनके योगदान को याद करना चाहिए और स्वतंत्रता की राह में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होना चाहिए।
Sunday, September 24, 2023
केरल के बाद निपाह वायरस की दस्तक अन्य राज्यों में, पश्चिम बंगाल समेत एक और राज्य में अलर्ट जारी
संवाददाता - रोहिणी राजपूत
केरल में कहर बरपा रहे निपाह वायरस ने अब राजस्थान और पश्चिम बंगाल में भी दस्तक दे दी है। निपाह वायरस के मामले स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। पश्चिम बंगाल में एक शख्स में निपाह वायरस के लक्षण मिले हैं, इसके बाद उसे कोलकाता के बेलियाघा आईईडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोलकाता में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बर्दवान जिले का वह व्यक्ति, जो केरल में प्रवासी मजदूर के रूप में काम कर रहा था, उसको तेज बुखार, मतली और गले में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया।
#कैसे फैलता है निपाह वायरस
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक़ निपाह वायरस (Niv) एक तेजी से उभरता वायरस है, जो जानवरों और मनुष्यों में गंभीर बीमारी को जन्म देता है। इसे जुनोटी डिजीज कहते है ये चमगादड़ों और सुअर से इंसानों में फैल सकता हैं।
#कैसे संक्रमित होते है?
ये एक आदमी से दूसरे आदमी तक आसानी से पहुंच सकता है। जानवरों के संपर्क में आने के बाद हाथ नहीं धोना इत्यादि लापरवाही के कारण इंसानों में आ जाता है।
#संक्रमण के लक्षण
इस वायरस से संक्रमित होने के बाद व्यक्ती 3 से 10 दिन तक तेज बुखार और सिरदर्द का सामना कर सकता है। ये लक्षण 24 से 48 घंटो मे मरीज को कोमा में पहुंचा सकते है।
इन्फेक्शन के शुरुआती दौर में सांस लेने के समस्या होती है जबकि लगभग आधे मरीजों में न्यूरोलॉजिकल दिक्कतें भी होती हैं।
#ऐसे करे बचाव
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चूंकि निपाह वायरस के लिए वर्तमान में कोई टीका या उपचार नहीं है इसलिए इसकी रोकथाम के लिए कुछ कदम उठाने पड़ेंगे।
• पक्षियों या जानवरों के चखे फल ना खाएं
• चमगादड़ वा अन्य जानवरों से दूरी बनाए रखें।
• मास्क पहने
• ठीक से हाथ धोएं
Friday, September 22, 2023
ऐतिहासिक महिला आरक्षण बिल दोनो सदनों में पास, राष्ट्रपति की मोहर के बाद बनेगा कानून
संवाददाता - रोहिणी राजपूत
लोकसभा से पारित होने के बाद आखिरकार गुरुवार को राज्यसभा में भी महिला आरक्षण बिल सर्वसम्मति से पारित हो गया। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन में इसकी घोषणा की। बिल के समर्थन में 214 वोट डाले गए, जबकि विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा।
नारी शक्ति वंदन विधयेक (महिला आरक्षण बिल) बुधवार को लंबी चर्चा के साथ देर रात लोकसभा में पारित हो गया था। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पर्ची से वोटिंग करवाई। बिल के समर्थन में 454 और विरोध में 2 वोट आए। नई संसद में मोदी जी के नेतृत्व में बुलाए गए संसद के पांच दिनों के विशेष सत्र में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस बिल को सदन में पेश किया था। महिला आरक्षण बिल के मुताबिक, लोकसभा में महिलाओं के लिए 33% रिजर्वेशन लागू किया जाएगा, लोकसभा की 543 सीटों में से 181 महिलाओं के लिए आरक्षित होगी। ये रिजर्वेशन 15 साल तक रहेगा।
#राहुल गांधी- OBC कोटा बिना ये बिल अधूरा
महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में हुई बहस में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हिस्सा लिया। राहुल गांधी का कहना इस दौरान ओबीसी को भी इस बिल मे शामिल करने की मांग की। "मेरे विचार से यह विधयेक आज ही लागू किया जा सकता है, लेकिन इसे आगे बढ़ने के मकसद से तैयार नहीं किया गया हैं", राहुल गांधी ने कहा ।
#वसुंधरा राजे बोली - गौरवशाली दिवस
राजस्थान की पूर्व सीएम और भाजपा नेता वसुंधरा राजे ने 'महिला आरक्षण बिल पास होने पर खुशी व्यक्त की, उन्होंने कहा एक लंबे इंतजार के बाद 'महिला आरक्षण विधेयक' (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को संसद में मंजूरी मिल गई। इसलिए आज का दिन महिला जगत के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली दिन है। इस बिल के माध्यम से मोदी जी ने स्पष्ट कर दिया और साबित कर दिया है कि मातृशक्ति संपूर्ण राष्ट्र की ताकत है।
# तीन दशक से अटका महिला आरक्षण बिल
पहली बार 12 सितंबर 1996 को एचडी देवगौड़ा की सरकार ने महिला आरक्षण बिल पेश किया था। इसके बाद 2010 में मनमोहन सरकार ने राज्यसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण बिल को बहुमत से पारित कर लिया था, लेकिन तब सपा और आरजेडी ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया।
जानकारों का कहना है की महिला आरक्षण बिल का सफ़र अभी काफी लंबा है। जनगणना और परमीसन के बाद महिला आरक्षण बिल विधयेक साल 2029 के लोकसभा चुनाव तक ही लागू हो सकेगा।
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Sunday, September 17, 2023
भारत ने 10 विकेट से जीता आज का मैच, एशिया कप पर भारत का 8वी बार कब्ज़ा
संवाददाता - रोहिणी राजपूत
भारत ने रविवार को एशिया कप 2023 जीत लिया। कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और श्रीलंका के बीच मुकाबला हुआ। मैदान पर खेले गए फाइनल में मोहम्मद सिराज ने कातिलाना गेंदबाजी की और अपनी रफ्तार से कहर ढाह दिया। सिराज ने 7 ओवर में 21 रन देकर 6 विकट अपने खेमे में झटके। सिराज ने एक ओवर में ही चार शिकार कर श्रीलंका की कमर तोड़ दी, वहीं हार्दिक पांड्या ने 3 और जसप्रीत ने 1 विकेट हासिल किया।
श्रीलंका की टीम 15.2 ओवर में 50 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत के खिलाफ श्रीलंका ने वनडे में अपना दूसरा न्यूनतम स्कोर बनाया। जवाब में भारत ने महज 6.1 ओवर में आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया। ओपनर उतरे शुभमन गिल 19 गेंदों में 27 और ईशान किशन ने 18 गेंदों में 23 रन बनाकर लक्ष्य हासिल किया। शुभमन ने अपने पारी में 6 चौके और ईशान ने तीन चौक के लगाए।
** वनडे फाइनल में गेंदों के हिसाब
भारत ने किसी भी वनडे फाइनल में गेंद शेष रहने के मामले में सबसे बड़ी जीत हासिल की है। टीम इंडिया ने एशिया कप के फाइनल में 263 गेंद शेष रहते मैच जीता।
विश्वकर्मा योजना का आज शुभारंभ: पीएम मोदी
संवाददाता - रोहिणी राजपूत
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 73वां जन्मदिवस पर देश के कारीगरों को सौगात देंगे। आज पीएम मोदी, "प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना" को लॉन्च करेंगे। वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना का ऐलान किया था। इस योजना में 13,000 करोड़ रुपए का खर्च किया जाना है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत लोगों को लाभ मिलने वाले लाभार्थी, उनमें राजमिस्त्री, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी, ताला बनाने वाले, अस्त्रकार, मूर्तिकार, पत्थर तोड़ने वाले, लोहार, सुनार, पत्थर तलाशने वाले, मोची/M जूता बनाने वाले कारीगर, गुड़िया और खिलौना निर्माता, नाव निर्माता, फिशिंग नेट निर्माता, टोकरी/ चटाई/झाड़ू बनाने वाला, हथोड़ा और टूलकिट निर्माता ।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के सफल आवेदक को ट्रेनिंग सेशन दिया जाएगा और यह रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने में मदद करेगा। योजनाओं के अंतर्गत उद्देश्य कुशल कारीगरों को सहायता प्रदान करना है। इस योजना का मकसद हाथ और औजारों से काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों के पारंपरिक कौशल को बढ़ावा देना और उन्हें प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनके उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार और प्रोडक्ट्स को बाजार तक पहुंचाना है। इस योजना का उद्देश्य अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों द्वारा पारंपरिक कौशल को बढ़ावा और मजबूती देना है।
Friday, September 15, 2023
INDIA गठबंधन ने बहिष्कार किए मीडिया संस्थानों के नामी न्यूज़ एंकर्स
संवाददाता - रोहिणी राजपूत
2024 की लड़ाई में गठबंधन I.N.D.I.A (भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन) ने 14 सितंबर को कुछ चुनिंदा मीडिया संस्थानों के कुछ पत्रकारों / एंकर्स का बहिष्कार किया। उन्होंने कहा वह इन पत्रकारों के शो में अपने प्रतिनिधि नहीं भेजेंगे। NBDA ने गठबंधन के इस फैसले कि आलोचना की, और कहां की यह प्रतिबंध लगाना लोकतंत्र के लोकाचार के खिलाफ है। यह असहिष्णुता का प्रतीक है और मीडिया की स्वतंत्रता को खतरे में डालता है। स्वतंत्र देश में मीडिया अधिकारों का ऐसा हनन अनुचित है।
पत्रकारों/एंकर्स का बहिष्कार, 1975 राष्ट्रीय आपातकाल के उसे दौर की ओर ले जाता है। जब प्रेस पर ताला लगा दिया गया था और स्वतंत्र आवाज़ों को कुचल दिया गया था।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर ट्वीट जारी करके कहा - "हर रोज़ शाम 5:00 बजे कुछ टीवी चैनल्स पर नफरत का बाजार सजाया जाता है।" ऐसे में इंडिया गठबंधन ने तय किया है कि 'हम नफरत के बाजार में ग्राहक बनकर नहीं जाएंगे। हमारा उद्देश्य है 'नफरत मुक्त भारत' जुड़ेगा भारत, जीतेगा इंडिया ।
Sunday, September 10, 2023
हरे- पर्दों के पीछे गरीबों - जानवरो को मेहमानों से छिपा रही सरकार: कांग्रेस का आरोप
हाल ही देश में जी20 शिखर सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ, जिसके चलते दिल्ली को एक दुल्हन की तरह सजाया गया। विपक्ष की ओर से एक वीडियो शेयर किया और कहा कि जी20 से पहले मोदी सरकार ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए गरीबों के घरों को पर्दे से ढकवा दिया है। क्योंकि राजा को गरीबी और उनके मकान बदसूरत लगते हैं, सुंदरता तो केवल उनके मतदानों में होती है।
बीते दिन शनिवार को कांग्रेस ने सरकार पर जी20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर झुग्गियों को ढकने या ध्वस्त करने और आवारा जानवरों को पकड़े जाने का आरोप लगाया।
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'भारत की वास्तविकता को हमारे मेहमानों से छिपाने की कोई जरूरत नहीं हैं।
जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर साधा निशान---
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा उन्होंने कहा, 'जी20 का उद्देश विश्व के प्रमुख अर्थव्यवस्था की एक महत्त्वपूर्ण सभा होनी है। जिसका मकसद वैश्विक समस्याओं से मददगार तरीके से निपटना है। प्रधानमंत्री की छवि को बचाने के लिए आवारा पशुओं को बेरहमी से पकड़ा गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी वीडियो में एक झुग्गी निवासी ने कहा, सरकार हमें कीड़े की तरह मानती है, हम क्या इंसान नहीं है।
विपक्षी दल ने कहा, यह अत्यधिक आवश्यक है कि हम इस तरह के दुर्व्यवहार के खिलाफ़ आवाज उठाए और इन गरीब, बेजुबान पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करें ।
Saturday, September 9, 2023
भारत का नाम बदलने पर पाकिस्तान का इंडिया के नाम पर दावा !! मीडिया रिपोर्ट का खुलासा
संवाददाता - रोहिणी राजपूत
देश का नाम इंडिया से बदलकर भारत रखने पर देश में हलचल और जमकर राजनीति शुरू हो चुकी है। हाल ही में केंद्र सरकार से लगाए गए ये कयास तब से ज्यादा सुर्खियों में जब दिल्ली में होने वाले तीन दिवसीय जी 20 सम्मेलन का रात्रि निमंत्रण से हुई, जहाँ निमंत्रण पत्र में "प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया" की जगह " प्रेसिडेंट ऑफ भारत" वाक्य का इस्तेमाल किया गया। इस निमंत्रण के बाद पूरे देश में राजनीतिक गलियारों में विवाद छिड़ गया।
इसी बीच पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के पत्रकरो से खबर आई कि पाकिस्तान इंडिया के नाम पर अपना दावा ठोंक सकता हैं। साउथ एशिया इंडेक्स के X हैंडल से किया गया एक ट्वीट में कहा गया हैं कि अगर भारत संयुक्त राष्ट्र पर आधिकारिक तौर पर इंडिया नान की मान्यता रद्द कर देता है तो पाकिस्तान इंडियन नाम पर दावा कर सकता है।
मोहम्मद जिन्ना ने 'इंडिया' के नाम पर जताई आपत्तिः
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के भूतपूर्व प्रधानमंत्री कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने इंडिया नाम का विरोध किया था. उन्होंने ब्रिटिश भारत की ओर से नए स्वतंत्र देश के नाम के रूप में इंडिया नाम के अपनाने पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने इसके जगह पर हिंदुस्तान या भारत का सुझाव दिया थाथा ।
एक बार सन 1947 में भारत की आजादी के एक महीने बाद मोहम्मद अली जिन्ना एक कला प्रदर्शनी का अध्यक्ष बनने के लिए लुईस माउंटबेटन के तरफ से भेजे गए निमंत्रण को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। लुईस माउंटबेटन के तरफ से भेजे गए निमंत्रण पत्र पर हिंदुस्तान के बजाय इंडिया शब्द का इस्तेमाल किया गया था. उस वक्त इस घटना के बाद जिन्ना ने भारत के आखिरी गवर्नर रहे माउंटबेटन को एक पत्र लिखा और कहा कि ये दुख की बात की कुछ अज्ञात कारणों की वजह से भारत ने इंडिया नाम को अपना लिया है। लुईस माउंटबेटन के तरफ से भेजे गए निमंत्रण पत्र पर हिंदुस्तान के बजाय इंडिया शब्द का इस्तेमाल किया गया था । उस वक्त इस घटना के बाद जिन्ना ने भारत के आखिरी गवर्नर रहे माउंटबेटन को एक पत्र लिखा और कहा कि ये दुख की बात की कुछ अज्ञात कारणों की वजह से भारत ने इंडिया नाम को अपना लिया है..
Thursday, September 7, 2023
जनसांख्यिकीय असंतुलन राष्ट्र के कारण राष्ट्र के समक्ष बड़ा खतरा, जनसंख्या नियंत्रण कानून ना बना तो देश में होंगे गृहयुद्ध के हालात
जनसंख्या विस्फोट एवं जनसांख्यिकीय है असंतुलन की समस्या पर कुशल एवं प्रभावी नियंत्रण के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर लगभग 10 वर्षों से जनसंख्या समाधान फाउन्डेशन द्वारा देशभर में हजारों छोटी-बड़ी सभाएं, बड़ी-बड़ी रैलियां पदयात्राएं और रथयात्राएं आयोजित की गई है।
आज देश की आबादी 142 करोड को पार कर चुकी है। विश्व का मात्र 2.4% भू-भाग हमारे पास है और विश्व की कुल आबादी का लगभग 18% भार हम भारत की भूमि पर वहन कर रहे है। अगर जनसंख्या पर कुशल एवं प्रभावी नियंत्रण के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून नही बना तो गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी और अपराध चरम पर होंगे और देश में गृहयुद्ध के हालात होंगे |
जनसंख्या विषयक इस अभियान को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री इन्द्रेश कुमार जी का संगठन के संरक्षक तथा भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्री श्री गिरिराज सिंह जी का मार्गदर्शन के रूप में अनवरत सहयोग मिलता रहा है। वर्ष 2018 में जनसंख्या नियंत्रण कानून विषय मांग पत्र पर 125 सांसदों का लिखित समर्थन भी प्राप्त हुआ जिसे संगठन के प्रतिनिधिमंडल द्वारा 9 अगस्त 2018 को तत्कालीन माननीय राष्ट्रपति जी को उनसे भेंट और विषय पर चर्चा के उपरान्त सौंपा गया।
वर्तमान में संगठन द्वारा उपरोक्त कानून पर आम लोगों का समर्थन प्राप्त करने के उद्देश्य से देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान के समापन पर 28 अक्टूबर 2023 को हस्ताक्षरित पत्रकों के साथ देशभर के कार्यकर्ताओं (बड़ी संख्या में महिलाओं सहित) की कौशांबी स्थित KBC बैंक्विट में रुकने की योजना है। हस्ताक्षरित पत्रकों को लेकर लगभग 20000 कार्यकर्ता 29 अक्टूबर 2023 को कौशांबी से प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली की ओर राष्ट्र रक्षा रैली के रूप में पैदल एवं लगभग 500 वाहनों द्वारा कूच करेंगे।
राष्ट्र रक्षा रैली की तैयारी हेतु देशभर से आने वाले कार्यकर्ताओं के ठहरने एवं कार्यालय प्रयोग के लिए आज कौशांबी स्थित KBC बैंक्विट में प्रवास कार्यालय का उद्घाटन किया गया है। दिल्ली एनसीआर के घर-घर में 28, 29 और 30 अक्टूबर की तैयारी के लिए अभियान चलाया जाएगा ।
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नोएडा, 14 नवंबर 2024: दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन (डीएमई) मीडिया स्कूल ने अपने 9वें वार्षिक मीडिया सम्मेलन और उत्सव, 'वृतिका 2024',...


















































